बरीसंकलित उदाहरण
प्राध्यापक परिवार
P-MH-2017-22
- अभिलेख संख्या
- P-MH-2017-22
- ज़िला
- पुणे
- राज्य
- महाराष्ट्र
- वर्ष
- 2017
- स्थिति
- बरी
- धारा / आरोप
- धारा 3(1)(r) — परिसर में अपमान
- परिवार
- 3 सदस्य
- पेशा
- विश्वविद्यालय प्राध्यापक
सार
मूल्यांकन और आंतरिक शिकायत के बाद आपराधिक FIR। उच्च न्यायालय ने 2022 में यह कहते हुए बरी रखा कि सेवा-मामला आपराधिक आशय नहीं बनता जब तक जाति-द्वेष साबित न हो।
परिवार पर असर
पाँच वर्ष विदेशी सम्मेलन और पीएचडी गाइडशिप बंद।
स्रोत: संकलित उदाहरण