दो सूचियाँ · एक पटल
न्याय पटल
बाएँ — वे परिवार जिन पर अधिनियम के तहत मामला चला, गिरफ्तारी हुई, या वर्ष-दर-वर्ष मुकदमा चला। दाएँ — वे परिवार जिन्हें अधिनियम से राहत, मुआवज़ा, पुनर्वास या दोषसिद्धि मिली।
- दर्ज मामले · 2024
- 48,669
- दोषसिद्धि दर
- 33.9%
- लंबित मुकदमे
- 2,87,694
- व्यक्ति दोषसिद्ध
- 10,839
पीड़ित परिवार
अभियुक्त पक्ष · बरी, मामला रद्द, या लंबित
26 अभिलेख
P-MH-2018-MAHAJAN
बरीमहाजन मामला — सेवा विवाद
मुंबई · महाराष्ट्र · 2018
अधिनियम के तहत विभागीय शिकायत
सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र राज्य (2018) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अधिनियम के दुरुपयोग की शिकायतें आई हैं, और अग्रिम ज़मानत/प्रारंभिक जाँच जैसे अवरोध सुझाए। संसद ने उसी वर्ष संशोधन से वे अवरोध हटा दिए। 2019 में न्यायालय ने अपने निर्देश वापस लिए।
प्रसिद्धP-UP-2021-04
बरीकिसान परिवार
मेरठ · उत्तर प्रदेश · 2021
धारा 3(1)(r) — अपमान / धमकाना
सीमा और सिंचाई के विवाद के बाद अधिनियम जोड़कर FIR। चार वर्ष बाद विशेष न्यायालय ने साक्ष्य अपर्याप्त मानकर बरी किया।
संकलित₹3,40,000P-MH-2019-11
मामला रद्दशिक्षक परिवार
सांगली · महाराष्ट्र · 2019
धारा 3(1)(s) — जाति-नाम से गाली
कक्षा अनुशासन पर शिकायत के बाद अधिनियम की धाराएँ जोड़ी गईं। जाँच में स्वतंत्र साक्षी नहीं मिले। धारा 169 CrPC पर मामला बंद।
संकलितP-RJ-2022-08
लंबितदुकानदार परिवार
अलवर · राजस्थान · 2022
धारा 3(1)(r)(s) — सार्वजनिक अपमान
उधार वसूली की कहासुनी के बाद थाने में अधिनियम की शिकायत। आरोप-पत्र दाखिल। विशेष न्यायालय में तीन वर्ष से साक्ष्य चल रहा है।
संकलित₹1,80,000P-BR-2020-03
बरीठेकेदार परिवार
गया · बिहार · 2020
धारा 3(2)(va) सह पठित IPC
निविदा विवाद के बाद मारपीट और अधिनियम। 2024 में न्यायालय ने जाति-आधारित आशय सिद्ध नहीं माना।
संकलित₹5,20,000P-HR-2023-01
आरोप-पत्रपुलिस कर्मी परिवार
हिसार · हरियाणा · 2023
धारा 4 — कर्तव्य में लापरवाही / 3(1)
थाने में FIR दर्ज करने में देरी की शिकायत पर स्वयं अधिकारी पर अधिनियम। विभागीय जाँच और आपराधिक मामला साथ-साथ।
संकलितP-MH-2017-22
बरीप्राध्यापक परिवार
पुणे · महाराष्ट्र · 2017
धारा 3(1)(r) — परिसर में अपमान
मूल्यांकन और आंतरिक शिकायत के बाद आपराधिक FIR। उच्च न्यायालय ने 2022 में यह कहते हुए बरी रखा कि सेवा-मामला आपराधिक आशय नहीं बनता जब तक जाति-द्वेष साबित न हो।
संकलितP-RJ-2018-19
मामला रद्दसरपंच परिवार
नागौर · राजस्थान · 2018
धारा 3(1)(b)(g) — भूमि / बहिष्कार
पंचायत चुनाव के बाद सामाजिक बहिष्कार की शिकायत। पुलिस ने बाद में लिखा कि विवाद विकास कार्यों के ठेके का था, जाति-आधारित बहिष्कार सिद्ध नहीं।
संकलितP-MP-2022-15
लंबितफ़ैक्टरी पर्यवेक्षक
इंदौर · मध्य प्रदेश · 2022
धारा 3(1)(r) सह पठित 323 IPC
शिफ्ट बदले जाने पर झगड़ा। अधिनियम जोड़ा गया। जमानत मिली, विचारण चल रहा है।
संकलित₹2,10,000P-TN-2021-07
बरीत्योहार समिति परिवार
कडलूर · तमिलनाडु · 2021
धारा 3(1)(zc) — रथ/उत्सव में बाधा
गाँव के उत्सव मार्ग को लेकर झड़प। विशेष न्यायालय ने 2025 में कहा कि मार्ग-विवाद साबित, जाति-आशय नहीं।
संकलितP-RJ-2020-12
मामला रद्दचिकित्सक परिवार
जोधपुर · राजस्थान · 2020
धारा 3(1)(r) — अस्पताल में अपमान
OPD में प्रतीक्षा को लेकर कहासुनी। मेडिकल बोर्ड और CCTV से जाति-आधारित गाली सिद्ध नहीं हुई।
संकलितP-BR-2019-18
बरीमकान-मालिक परिवार
मुज़फ़्फ़रपुर · बिहार · 2019
धारा 3(1)(f)(g) — बेदख़ली / भूमि
किराया न मिलने पर ताला। किरायेदार ने अधिनियम की शिकायत की। न्यायालय ने इसे सिविल विवाद माना।
संकलित₹1,60,000P-KA-2023-06
लंबितपरिवहन कर्मचारी परिवार
कोलार · कर्नाटक · 2023
धारा 3(1)(s) — जाति-नाम
टिकट को लेकर बस में झगड़ा। यात्री ने अधिनियम की शिकायत दर्ज कराई। वीडियो विरोधाभासी।
संकलितP-GJ-2021-09
आरोप-पत्रनगरपालिका लिपिक परिवार
अहमदाबाद · गुजरात · 2021
धारा 4 — कर्तव्य-उल्लंघन
प्रमाण-पत्र जारी करने में देरी पर जनसेवक के विरुद्ध अधिनियम। आरोप-पत्र दाखिल, विचारण नहीं शुरू।
संकलितP-UP-2018-21
बरीपटवारी परिवार
सीतापुर · उत्तर प्रदेश · 2018
धारा 3(1)(g) — भूमि कब्ज़ा
खतौनी सुधार की शिकायत को आपराधिक रूप दिया गया। 2023 में बरी — प्रविष्टि सिविल प्रक्रिया से हुई मानी गई।
संकलित₹2,75,000P-TN-2022-14
लंबितसिनेमा-हॉल परिवार
विल्लुपुरम · तमिलनाडु · 2022
धारा 3(1)(r) — सार्वजनिक स्थान
कतार में धक्का और गाली। अधिनियम जोड़ा गया। दोनों पक्षों के वीडियो हैं।
संकलितP-MP-2016-05
बरीट्रक-स्वामी परिवार
सागर · मध्य प्रदेश · 2016
धारा 3(2)(v) सह 304A IPC
सड़क दुर्घटना के बाद अधिनियम जोड़ा गया क्योंकि मृतक अनुसूचित जाति के थे। 2024 में आपराधिक लापरवाही तो बची, अत्याचार का आशय नहीं माना गया।
संकलित₹8,90,000P-HR-2024-02
आरोप-पत्रमिल-मालिक परिवार
पानीपत · हरियाणा · 2024
धारा 3(1)(r) सह श्रम विवाद
मज़दूरी कटौती के विरोध पर FIR। अधिनियम की धाराएँ बाद में जोड़ी गईं।
संकलितP-BR-2022-16
लंबितईंट-भट्ठा परिवार
औरंगाबाद · बिहार · 2022
धारा 3(1)(h) — बेगार / बंधुआ
मज़दूरी विवाद को बंधुआ मज़दूरी की शिकायत बना दिया गया। श्रम विभाग और पुलिस दोनों जाँच में।
संकलित₹4,10,000P-UP-2020-13
मामला रद्दपत्रकार परिवार
जौनपुर · उत्तर प्रदेश · 2020
धारा 3(1)(u) — सामाजिक मीडिया पर अपमान
रिपोर्ट के बाद काउंटर-FIR। साइबर जाँच में मूल पोस्ट का संदर्भ राजनीतिक पाया गया, जाति-द्वेष नहीं।
संकलितP-MP-2019-10
बरीबैंक प्रबंधक परिवार
भोपाल · मध्य प्रदेश · 2019
धारा 3(1)(r) — ऋण अस्वीकृति पर अपमान
KCC ऋण न मिलने पर प्रबंधक पर अधिनियम। 2023 में बरी — फाइल में जाति का उल्लेख नहीं, केवल दस्तावेज़ कमी।
संकलितP-MH-2024-03
लंबितबिल्डर परिवार
नाशिक · महाराष्ट्र · 2024
धारा 3(1)(f) — परिसर से रोक
फ्लैट आवंटन विवाद में अधिनियम की शिकायत। सिविल वाद और आपराधिक FIR साथ।
संकलित₹12,00,000P-GJ-2018-17
बरीकिसान परिवार
मेहसाणा · गुजरात · 2018
धारा 3(1)(g) — रास्ते का अधिकार
खेत के रास्ते पर बाड़। पड़ोसी ने अत्याचार की शिकायत की। राजस्व नक्शा सिविल पक्ष में गया, आपराधिक मामला गिरा।
संकलित₹1,95,000P-OD-2021-20
आरोप-पत्रवन रक्षक परिवार
कंधमाल · ओडिशा · 2021
धारा 3(1)(g) सह वन अधिकार
अतिक्रमण हटाने के दौरान झड़प। ST परिवार की शिकायत पर रक्षक पर अधिनियम।
संकलितP-AP-2023-08
लंबितकॉलेज छात्र परिवार
गुंटूर · आंध्र प्रदेश · 2023
धारा 3(1)(r) — छात्रावास झगड़ा
छात्रावास में आरक्षण टिप्पणी को लेकर FIR। कॉलेज समिति ने इसे अनुशासन माना, पुलिस ने अत्याचार।
संकलितP-UK-2022-11
मामला रद्दहोटल परिवार
हरिद्वार · उत्तराखंड · 2022
धारा 3(1)(za) — सेवा से इनकार
कमरे भर होने पर ठहरने से मना। शिकायतकर्ता ने जाति बताकर अधिनियम लगाया। Occupancy रजिस्टर से कमरे खाली नहीं थे।
संकलित₹2,40,000